Meaning of
कज-समाअ'त
kaj-sama'at • کج سماعت
Hindi
बहरा; अनसुना करने वाला
English
hard of hearing; inattentive
Urdu
بہرا; ان سنی کرنے والا
Origin
Persian
Nuance
'कज-समाअ'त' एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहाँ कोई व्यक्ति चुनिंदा रूप से सुनता है, कुछ आवाज़ों या बातों को अनसुना कर देता है। कविता में, यह एक गहरी भावनात्मक या आध्यात्मिक बहरापन दर्शाता है, जहाँ दिल कुछ सच्चाइयों या भावनाओं के लिए बंद हो जाता है।
Poetic Usage
'कज-समाअ'त' का उपयोग कवि अज्ञानता या भावनात्मक दूरी के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह किसी पात्र की वास्तविकता या सत्य से जुड़ने की अनिच्छा को दर्शा सकता है। अक्सर खुलेपन और ग्रहणशीलता के विपरीत होता है।
Closing Insight
कविता में, 'कज-समाअ'त' समझ और सहानुभूति के खिलाफ बनाए गए अवरोधों का रूपक है।