Meaning of

कमाल-ए-बे-ख़ुदी

kamaal-e-be-khudi • سر در گریباں

स्वयं की पूर्णता; अंतिम वैराग्य

perfection of selflessness; ultimate detachment

خود فراموشی کی کمال; آخری بے نیازی

Persian

यह वाक्यांश गहरी आत्म-विस्मृति की स्थिति को दर्शाता है, जहाँ व्यक्ति व्यक्तिगत इच्छाओं और अहंकार से परे होता है। कविता में, यह एक उच्च उद्देश्य या दिव्य प्रेम में खो जाने के सार को पकड़ता है, जहाँ सांसारिक चिंताएँ मिट जाती हैं।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग एक आध्यात्मिक यात्रा या प्रेम के प्रति अंतिम समर्पण को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक बंधनों के उथल-पुथल के विपरीत, भाग्य की शांत स्वीकृति को उजागर करता है।

अपने काव्यात्मक सार में, यह आत्मा की एक यात्रा की बात करता है, जहाँ आत्मा समर्पण में शांति पाती है।