Meaning of

कमाल-ए-सुख़न

kamaal-e-sukhan • کمال سخن

वाक्पटुता की उत्कृष्टता; भाषण की महारत

excellence of speech; mastery of eloquence

گفتگو کی مہارت; فصاحت کی برتری

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसे वक्ता की छवि प्रस्तुत करता है जिसकी बातें सहजता और सटीकता से बहती हैं, श्रोता की कल्पना को बांध लेती हैं। कविता में, यह एक ऐसी महारत का संकेत देता है जो केवल शब्दों से परे जाकर आत्मा को छू लेती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग किसी साथी कवि की अतुलनीय कौशल की प्रशंसा करने के लिए करते हैं। यह भाषा की सुंदरता और शक्ति को भी उजागर कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, कमाल-ए-सुख़न शब्दों की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रमाण है।