Meaning of

कर्ब-ए-ज़ात

karb-e-zaat • کرب ذات

स्वयं की पीड़ा; आंतरिक यातना

anguish of self; inner torment

ذات کا کرب; اندرونی عذاب

Arabic

'कर्ब-ए-ज़ात' गहरे आंतरिक संघर्षों और स्वयं के भीतर से उत्पन्न होने वाली यातना में उतरता है। कविता में, यह आत्मा के गहरे संघर्षों और हृदय की मौन चीखों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।

कवि अक्सर 'कर्ब-ए-ज़ात' का उपयोग अस्तित्वगत चिंता और व्यक्तिगत उथल-पुथल के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह भीतर की अव्यक्त लड़ाइयों को व्यक्त करने का माध्यम है। यह 'सुकून-ए-ज़ात' के विपरीत है, जो आंतरिक शांति और आंतरिक संघर्ष के बीच तनाव को उजागर करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'कर्ब-ए-ज़ात' आत्मा की मौन लड़ाइयों का प्रमाण बन जाता है। यह भीतर की उथल-पुथल और शांति के बीच नाजुक संतुलन पर चिंतन का निमंत्रण देता है।