Meaning of
ख़ा-मख़ा
kha-mkha • خا مخا
Hindi
बेवजह; बिना कारण
English
unnecessarily; without reason
Urdu
بےوجہ; بغیر وجہ
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
'ख़ा-मख़ा' उस भावना को दर्शाता है जब कोई कार्य बिना किसी ठोस कारण या उद्देश्य के किया जाता है। कविता में, यह अक्सर उन मानवीय प्रयासों या भावनाओं की निरर्थकता को दर्शाता है जो बिना स्पष्ट कारण के उत्पन्न होती हैं।
Poetic Usage
कवि 'ख़ा-मख़ा' का उपयोग विडंबना प्रकट करने या कुछ स्थितियों की बेतुकापन को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रेम या भाग्य की चंचल प्रकृति को भी रेखांकित कर सकता है।
Closing Insight
'ख़ा-मख़ा' अपनी काव्यात्मक सार में जीवन के अनकहे पहलुओं पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।
