Meaning of

ख़ाक-ए-चमन

khaak-e-chaman • خاک چمن

बाग़ की धूल; सुंदरता के अवशेष

dust of the garden; remnants of beauty

باغ کی خاک; حسن کے باقیات

Persian

मूल अर्थ में 'ख़ाक-ए-चमन' बाग़ की धूल या मिट्टी को दर्शाता है। परंतु कविता में, यह सुंदरता के अवशेष और समय के बीतने का प्रतीक बन जाता है, जहाँ कभी खिली हुई कलियाँ धूल में बदल जाती हैं।

'ख़ाक-ए-चमन' का उपयोग कवि अक्सर सुंदरता और जीवन की क्षणभंगुरता पर चिंतन करने के लिए करते हैं। यह बीते वैभव के प्रति उदासीनता या खिलने के बाद अनिवार्य पतन पर ध्यान देने का प्रतीक हो सकता है।

'ख़ाक-ए-चमन' में सुंदरता की क्षणभंगुरता की मार्मिक याद दिलाई जाती है। यह आमंत्रित करता है कि जब खिलावट समाप्त हो जाती है, तब क्या शेष रहता है।