Meaning of
ख़ाक-ए-सर्द
khaak-e-sard • خاک سرد
Hindi
ठंडी राख; जुनून के अवशेष
English
cold ashes; remnants of passion
Urdu
ٹھنڈی راکھ; جذبے کی باقیات
Origin
Persian
Nuance
अपने मूल अर्थ में, 'ख़ाक-ए-सर्द' ठंडी राख को संदर्भित करता है, जो कभी उज्ज्वल रूप से जलती आग के अवशेष हैं। कविता में, इस छवि का विस्तार जुनून या उत्साह के अवशेषों को दर्शाने के लिए किया जाता है, जो समय के साथ ठंडे हो गए हैं। ठंडी राख एक प्रकार की उदासी और खोने की भावना को जागृत करती है, जहाँ कभी गर्मी और तीव्रता थी।
Poetic Usage
'ख़ाक-ए-सर्द' का उपयोग कवि अक्सर समय के बीतने और भावनाओं के ठंडा होने को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अतीत के उत्साह और वर्तमान की शांति के बीच विरोधाभास दिखाने के लिए किया जाता है। यह शब्द एक शांत स्वीकृति या परिवर्तन को स्वीकार करने का संकेत भी दे सकता है।
Closing Insight
'ख़ाक-ए-सर्द' की शांति में, कोई उन गूंजों को पाता है जो कभी थीं। यह जुनून और शांति के चक्रों की एक कोमल याद दिलाता है।