Meaning of

ख़ाक-ए-वीराना

khaak-e-veeraana • خاک ویرانہ

वीराने की धूल; वीरानी

dust of the wilderness; desolation

ویرانے کی خاک; ویرانی

Persian

'ख़ाक-ए-वीराना' वाक्यांश बंजर परिदृश्यों की छवियाँ प्रस्तुत करता है, जहाँ उपेक्षा की धूल भूले हुए रास्तों पर जम जाती है। यह ऐसे स्थानों में व्याप्त एकांत और खालीपन की बात करता है, उदासी और परित्याग की भावना को जगाता है।

कवि 'ख़ाक-ए-वीराना' का उपयोग दिल या स्थान की वीरानी को जगाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर जीवंत जीवन के विपरीत रखा जाता है, खालीपन की कठोरता और समय के बीतने को उजागर करता है।

कविता में, 'ख़ाक-ए-वीराना' वीरानी में पाई जाने वाली सुंदरता की एक मार्मिक याद दिलाता है।