Meaning of

ख़ार-ए-फ़िराक़

khaar-e-firaq • خار فراق

वियोग का काँटा; विरह की पीड़ा

thorn of separation; pain of longing

جدائی کا کانٹا; فراق کا درد

Persian

यह शब्द प्रिय से दूर होने की तीव्र, चुभने वाली पीड़ा को दर्शाता है। कविता में, यह उस विरह की भावना को पकड़ता है जो दिल में धंसे काँटे की तरह महसूस होती है। यह चित्रण जीवंत है, शारीरिक और भावनात्मक दर्द के बीच समानताएं खींचता है।

कवि अक्सर इस शब्द का उपयोग गहरे दुःख और निरंतर विरह की पीड़ा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अधूरी प्रेम की संगति में रहने वाले स्थायी दर्द का रूपक है। काँटा प्रेमी की दुर्दशा का प्रतीक बन जाता है।

कविता की दुनिया में, ख़ार-ए-फ़िराक़ प्रेम की स्थायी परीक्षाओं की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह विरह की कड़वी-मीठी प्रकृति को समेटे हुए है।