Meaning of
ख़ार-ए-हसरत
khaar-e-hasrat • خار حسرت
Hindi
लालसा का काँटा; इच्छा की चुभन
English
thorn of longing; prickle of desire
Urdu
حسرت کا کانٹا؛ خواہش کی چبھن
Origin
Persian
Nuance
'ख़ार-ए-हसरत' वाक्यांश एक काँटे की छवि को जागृत करता है जो अधूरी इच्छाओं का प्रतीक है। कविता में, यह लालसा के दर्द और सुंदरता को व्यक्त करता है, जहां हृदय अपनी लालसाओं से घायल और समृद्ध दोनों होता है।
Poetic Usage
कवि 'ख़ार-ए-हसरत' का उपयोग इच्छा की खट्टे-मीठे स्वभाव की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर पीड़ा और प्रेरणा दोनों के स्रोत के रूप में चित्रित किया जाता है, जो हृदय की उस निरंतर खोज की याद दिलाता है जो उसे नहीं मिल सकता।
Closing Insight
काव्यिक क्षेत्र में, 'ख़ार-ए-हसरत' लालसा के सार को पकड़ता है, एक काँटा जो आत्मा को घायल और सुंदर दोनों करता है।