Meaning of
ख़ार-ए-सितम
khaar-e-sitam • خار ستم
Hindi
अत्याचार का काँटा; ज़ुल्म की पीड़ा
English
thorn of oppression; pain of tyranny
Urdu
ظلم کا کانٹا; ستم کی تکلیف
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश अत्याचार से उत्पन्न होने वाले तीखे, चुभने वाले दर्द को व्यक्त करता है, इसे आत्मा को चुभने वाले काँटे के समान बताता है। कविता में, यह उन लोगों की मौन पीड़ा और सहनशीलता को दर्शाता है जो अत्याचार सहते हैं।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग बाहरी अन्यायों से उत्पन्न आंतरिक उथल-पुथल को उजागर करने के लिए करते हैं। यह दमनकारी शक्तियों द्वारा लगाए गए मौन घावों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'ख़ार-ए-सितम' मौन सहनशीलता और अत्याचार के खिलाफ अडिग आत्मा का प्रतीक बन जाता है।