Meaning of
ख़जिल
khajil • خجل
Hindi
शर्मिंदा; लज्जित
English
ashamed; embarrassed
Urdu
شرمندہ; خجالت
Origin
Arabic
Nuance
ख़जिल एक गहरी व्यक्तिगत शर्मिंदगी का भाव है, जो अक्सर अपराधबोध या असफलता से उत्पन्न होता है। कविता में, यह भावना और भी गहरी हो जाती है, जो मानव आत्मा की आंतरिक उथल-पुथल और संवेदनशीलता को दर्शाती है।
Poetic Usage
कवि अक्सर ख़जिल का उपयोग पछतावे और आत्मनिरीक्षण के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह शर्म से मुंह मोड़ने या अनकही पीड़ा से भरे दिल की छवि को उभार सकता है।
Closing Insight
ख़जिल आंतरिक संघर्षों की बात करता है, जहाँ दिल अपनी ही परछाइयों से जूझता है।