Meaning of

ख़लास

khalaas • خلاص

समापन; निष्कर्ष; मुक्ति

completion; conclusion; liberation

اختتام; نتیجہ; آزادی

Arabic

हम चाहते हैं जिन को वो पास नहीं रहते
दाइम किसी की ख़ातिर हम ख़ास नहीं रहते

अब लोग बदलने में याँ वक़्त लगाते नइँ
ख़ुद-ग़र्ज़ ज़माने में इख़्लास नहीं रहते

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तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़'
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला

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ये प्यार मुहब्बत वफ़ा इख़्लास की बातें
जाओ कि हमें प्यार निभाना भी नहीं है

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बेशऊरों का है बोल बाला
चुप तो पंडित लगाए हुए हैं

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ख़त में एक ख़ुलासा निकला
दरिया ही ख़ुद प्यासा निकला

हिज्र की शब से डरता था दिल
ये भी वक़्त ज़रा सा निकला

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ग़मों को बस ज़रा सा देखते हैं
हुआ है जो खु़लासा देखते हैं

कोई है जो मुझे मरहम लगाए
मेरे अपने तमाशा देखते हैं

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उस की चाहत में भी इख़लास नहीं था शायद
और कुछ हम भी उसे दिल से नहीं चाह सके

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हम चाहते हैं जिन को वो पास नहीं रहते
दाइम किसी की ख़ातिर हम ख़ास नहीं रहते

अब लोग बदलने में याँ वक़्त लगाते नइँ
ख़ुद-ग़र्ज़ ज़माने में इख़्लास नहीं रहते

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तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़'
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला

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अपने मूल अर्थ में, 'ख़लास' एक यात्रा या कार्य के अंत को दर्शाता है, एक मुक्ति या स्वतंत्रता का क्षण। कविता में, यह अक्सर एक लंबे समय से खोजे गए गंतव्य तक पहुँचने की भावना, समाधान के बाद की शांति, या अंत की कड़वाहट को व्यक्त करता है।

'ख़लास' का उपयोग कवि भावनात्मक यात्राओं के समापन को दर्शाने के लिए करते हैं। यह सांसारिक बंधनों से मुक्ति या प्रेम संबंध के अंत का प्रतीक हो सकता है। यह शुरुआत के विपरीत जीवन के चक्रीय स्वभाव को उजागर करता है।

'ख़लास' अंत की भावना को पकड़ता है, जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति की एक कोमल याद दिलाता है।