Meaning of

ख़लिश-ए-जाँ

khalish-e-jaan • خلش جاں

आत्मा का दर्द; आंतरिक पीड़ा

pain of the soul; inner torment

روح کا درد; اندرونی اذیت

Persian

'ख़लिश-ए-जाँ' शब्द एक आंतरिक पीड़ा का सार प्रस्तुत करता है जो शारीरिक दर्द से परे है। यह आत्मा की पीड़ा की बात करता है, एक ऐसी यातना जो गहराई से व्यक्तिगत है और अक्सर दुनिया से छिपी रहती है।

कवि 'ख़लिश-ए-जाँ' का उपयोग अस्तित्वगत निराशा और अनकही पीड़ा के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह अक्सर शारीरिक घावों के विपरीत होता है, दिल और आत्मा के अदृश्य घावों को उजागर करता है।

आत्मा की मौन चीखों में, 'ख़लिश-ए-जाँ' अपनी आवाज़ पाता है, भीतर के अनचाहे घावों की गूंज करता है।