Meaning of
ख़राब-ए-शौक़
kharaab-e-shauq • خراب شوق
Hindi
उत्साह का विनाश; इच्छा द्वारा विनाश
English
ruin of passion; destruction by desire
Urdu
شوق کی بربادی; خواہش کے ذریعے تباہی
Origin
Persian
Nuance
'ख़राब-ए-शौक़' एक ऐसी स्थिति का सुझाव देता है जहाँ उत्साह अत्यधिक हो जाता है, जिससे व्यक्ति का पतन होता है। कविता में, यह तीव्र भावनाओं की उथल-पुथल भरी प्रकृति को पकड़ता है, जहाँ इच्छा उत्थान भी कर सकती है और विनाश भी।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रेम और इच्छा की द्वैतता की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर अप्राप्त प्रेम के बारे में छंदों में प्रकट होता है, जहाँ लालसा निराशा की ओर ले जाती है।
Closing Insight
कविता में, 'ख़राब-ए-शौक़' उत्साह और विनाश के बीच की महीन रेखा की मार्मिक याद दिलाता है।