Meaning of

ख़राब-ओ-ख़्वार

kharaab-o-khwaar • خراب و خوار

बर्बाद और अपमानित; उजड़ा और दीन

ruined and humiliated; desolate and abject

برباد اور ذلیل; اجڑا اور دِین

Persian

यह वाक्यांश गहरे निराशा और अपमान की भावना को जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह एक ऐसी स्थिति का वर्णन करता है जो शारीरिक और भावनात्मक रूप से दोनों ही तरह से समाप्त हो चुकी है। कविता ने इस वाक्यांश को हानि, असफलता और मानव स्थिति की नाजुकता के विषयों की खोज के लिए अपनाया है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जिन्होंने गंभीर परीक्षाओं का सामना किया है। यह एक महान पतन के बाद के परिणाम या उथल-पुथल में आत्मा के स्थायी संघर्ष को चित्रित कर सकता है।

'ख़राब-ओ-ख़्वार' अपनी काव्यात्मक सार में मानव की नाजुकता की भूतिया सुंदरता को पकड़ता है। यह शक्ति और नाजुकता के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।