Meaning of

ख़रोश-ए-ज़ीस्त

kharosh-e-zeest • خروش زیست

जीवन का कोलाहल; अस्तित्व का हंगामा

uproar of life; tumult of existence

زندگی کا شور; وجود کا ہنگامہ

Persian

यह वाक्यांश जीवन की अराजक और जीवंत ऊर्जा को पकड़ता है। कविता में, यह अस्तित्व की उथल-पुथल भरी प्रकृति को व्यक्त करता है, जो खुशी और संघर्ष दोनों से भरी होती है, जीवित होने की गतिशील धड़कन को दर्शाती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग जीवन की जीवंतता और अप्रत्याशितता को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह स्थिरता और शांति के विषयों के विपरीत है, जो अस्तित्व की सदैव बदलती प्रकृति को उजागर करता है।

ख़रोश-ए-ज़ीस्त जीवन के जीवंत कोलाहल का सार पकड़ता है, जो अस्तित्व की सदैव विकसित होती यात्रा का प्रमाण है।