Meaning of

ख़स-ए-बे-माजरा

khas-e-be-maajra • خس بے ماجرا

तुच्छ अवशेष; मामूली विषय

insignificant debris; trivial matter

خس بے ماجرا; معمولی معاملہ

Persian

'ख़स-ए-बे-माजरा' का अर्थ है कुछ ऐसा जो महत्वहीन या बिना परिणाम के हो। कविता में, यह अक्सर जीवन की तुच्छताओं का प्रतीक होता है जिन्हें आसानी से नजरअंदाज या खारिज कर दिया जाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग महत्वपूर्ण और तुच्छ के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक चिंताओं की क्षणभंगुर प्रकृति की याद दिलाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ख़स-ए-बे-माजरा' एक कोमल संकेत के रूप में कार्य करता है कि वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है।