Meaning of
ख़स-ओ-ख़ार
khas-o-khaar • خس و خار
Hindi
तिनके और कांटे; तुच्छताएँ; बाधाएँ
English
straw and thorns; trivialities; obstacles
Urdu
تنکے اور کانٹے; معمولی چیزیں; رکاوٹیں
Origin
Persian
Nuance
मूल रूप से 'ख़स-ओ-ख़ार' का अर्थ जीवन की उन तुच्छ और अक्सर अनदेखी की जाने वाली चीज़ों से है, जैसे तिनके और कांटे। कविता में, इस शब्द का विस्तार जीवन के मार्ग में आने वाली तुच्छताओं और बाधाओं के प्रतीक के रूप में किया गया है, जो अक्सर महान लक्ष्यों की सुंदरता और भव्यता के विपरीत होते हैं।
Poetic Usage
'ख़स-ओ-ख़ार' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम या महत्वाकांक्षा की यात्रा में आने वाली साधारण बाधाओं को दर्शाने के लिए करते हैं। यह ऊँचे आदर्शों और सपनों के साथ विपरीत होता है, साधारण और असाधारण के बीच संघर्ष को उजागर करता है।
Closing Insight
काव्यिक क्षेत्र में, 'ख़स-ओ-ख़ार' हमें तुच्छ और गहन के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।