Meaning of

ख़स-ओ-ख़ाशाक-ए-गुलिस्ताँ

khas-o-khaashaak-e-gulistaan • خس و خاشاک گلستاں

उद्यान का मलबा; सुंदरता के अवशेष

debris of the garden; remnants of beauty

باغ کا ملبہ; خوبصورتی کے باقیات

Persian

'ख़स-ओ-ख़ाशाक-ए-गुलिस्ताँ' एक कभी जीवंत उद्यान की छवियों को उभारता है जो अब अवशेषों में बदल गया है। यह सुंदरता के अपरिहार्य क्षय और समय के बीतने की बात करता है, एक प्रकार की उदासी और खोने की भावना को जागृत करता है।

कवि अक्सर 'ख़स-ओ-ख़ाशाक-ए-गुलिस्ताँ' का उपयोग सुंदरता और जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति पर विचार करने के लिए करते हैं। यह खोए हुए सपनों और फीकी पड़ चुकी महिमा के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है, यादों के खट्टे-मीठे सार को पकड़ता है।

अपने शांत क्षय में, 'ख़स-ओ-ख़ाशाक-ए-गुलिस्ताँ' हमें जीवन की क्षणिक सुंदरता की याद दिलाता है। यह फुसफुसाता है कि क्या था और क्या बचा है।