Meaning of

ख़स-ओ-ख़ाशाक-ए-तवहहुम

khas-o-khaashaak-e-tawehhum • خس و خاشاک توہم

मोह का मलबा; भ्रम के अवशेष

debris of illusion; remnants of delusion

وہم کا ملبہ; فریب کے باقیات

Persian

यह वाक्यांश झूठे विश्वासों और भ्रमों के बिखरे हुए अवशेषों की छवियों को उत्पन्न करता है। कविता में, यह टूटे हुए सपनों के बाद के परिणाम और उसके बाद की निराशा को दर्शाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग निराशा और सपनों की क्षणभंगुर प्रकृति की खोज के लिए करते हैं। यह सत्य और वास्तविकता की शुद्धता के विपरीत है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'ख़स-ओ-ख़ाशाक-ए-तवहहुम' मानव आकांक्षाओं की नाजुकता की याद दिलाता है।