Meaning of

ख़सारा-दर-ख़सारा

khasara-dar-khasara • خسارہ در خسارہ

नुक़सान पर नुक़सान; बढ़ता हुआ नुक़सान

loss upon loss; compounded loss

نقصان پر نقصان; بڑھتا ہوا نقصان

Persian

यह वाक्यांश लगातार दुर्भाग्य की भावना को जगाता है, जहाँ एक नुक़सान के बाद दूसरा आता है, जिससे निराशा का चक्र बनता है। कविता में, यह मानव पीड़ा की गहराई और भाग्य की अनिवार्यता को पकड़ता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग लगातार असफलताओं की भारी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर क्षणिक खुशी के क्षणों के साथ विपरीत किया जाता है, जिससे खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ख़सारा-दर-ख़सारा' जीवन की अस्थिरता की एक मार्मिक याद दिलाता है।