Meaning of
ख़ौफ़-ए-महशर
khauf-e-mahshar • خوف محشر
Hindi
प्रलय का भय; अंतिम निर्णय का डर
English
fear of the Day of Judgment; dread of the final reckoning
Urdu
قیامت کا خوف; آخری حساب کا ڈر
Origin
Arabic
Nuance
मूल रूप से, 'ख़ौफ़-ए-महशर' प्रलय के दिन का गहरा भय व्यक्त करता है, जब सभी कर्म उजागर होते हैं। कविता ने इस शब्द को मानव अंतरात्मा की गहराई, नैतिक विकल्पों के बोझ और जवाबदेही के अस्तित्वगत डर को खोजने के लिए अपनाया है।
Poetic Usage
'ख़ौफ़-ए-महशर' का उपयोग कवि अक्सर आसन्न विनाश की भावना व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह व्यक्तियों द्वारा सामना की गई आंतरिक उथल-पुथल का रूपक है। यह शब्द शांति और आध्यात्मिक स्पष्टता के क्षणों के विपरीत है।
Closing Insight
कविता में, 'ख़ौफ़-ए-महशर' आत्मा के गहरे भय का दर्पण है। यह मानव कार्यों को मार्गदर्शित करने वाले नैतिक कम्पास की याद दिलाता है।