Meaning of

ख़ौफ़-ए-सर-ज़निश

khauf-e-sar-zanish • خوف سرزنش

डाँट का डर; निंदा की चिंता

fear of reproach; anxiety of blame

ملامت کا خوف; سرزنش کی فکر

Persian

यह वाक्यांश आलोचना या दोषारोपण के डर को गहराई से व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर उस व्यक्ति के आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है जो कठोर निर्णय का सामना करने की संभावना के कारण कार्य करने में संकोच करता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग हिचकिचाहट और आत्म-संदेह के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन संदर्भों में प्रकट होता है जहां वक्ता इच्छा और सामाजिक निर्णय के डर के बीच फंसा होता है।

कविता की दुनिया में, ख़ौफ़-ए-सर-ज़निश आकांक्षा और आशंका के बीच नाजुक संतुलन को पकड़ता है।