Meaning of

ख़ौफ़-ए-उक़्बा

khauf-e-uqba • خوف عقبہ

परलोक का भय; परलोक का डर

fear of the hereafter; dread of the afterlife

آخرت کا خوف; آخرت کا ڈر

Arabic

यह वाक्यांश जीवन के परे क्या है, इसको लेकर गहरी, अस्तित्वगत चिंता को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर आत्मा की नैतिक और आध्यात्मिक चिंताओं को दर्शाता है, जो अनंत क्षेत्र में अपने भाग्य पर विचार करती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग नैतिकता और मुक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर आत्मा की यात्रा और उसके अंतिम निर्णय पर विचार करने वाले छंदों में प्रकट होता है। सांसारिक इच्छाओं और आध्यात्मिक मुक्ति के बीच का विरोधाभास एक सामान्य धागा है।

कविता के क्षेत्र में, 'ख़ौफ़-ए-उक़्बा' आत्मा के गहरे भय और आशाओं को प्रतिबिंबित करने वाले दर्पण के रूप में कार्य करता है।