Meaning of

ख़ौफ़-ए-ज़माना

khawf-e-zamaanaa • خوف زمانہ

दुनिया का डर; समाज का भय

fear of the world; dread of society

دنیا کا خوف; سماج کا ڈر

Persian

यह वाक्यांश सामाजिक दबावों और निर्णयों के सामने महसूस की जाने वाली चिंता और आशंका को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर व्यक्तिगत इच्छाओं और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग अलगाव और अनुरूपता की थीम का पता लगाने के लिए करते हैं। यह व्यक्तित्व और सामाजिक मानदंडों के बीच तनाव को भी उजागर कर सकता है।

दुनिया का डर एक छाया है जो दिल के सच्चे रास्ते का पीछा करता है।