Meaning of
ख़याल-ए-रोज़-ए-हिसाब
khayaal-e-roz-e-hisaab • خیال روز حساب
Hindi
प्रलय के दिन का विचार; न्याय के दिन का चिंतन
English
thought of the day of reckoning; contemplation of judgment day
Urdu
روز حساب کا خیال; قیامت کے دن کا غور و فکر
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश किसी के कार्यों और उनके अंतिम परिणामों के बारे में गहन आत्मनिरीक्षण को जगाता है। यह जवाबदेही की गंभीरता और अपने कर्मों का सामना करने की अनिवार्यता को सामने लाता है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग नैतिकता, न्याय और समय के प्रवाह के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति और किसी के विकल्पों के स्थायी प्रभाव की याद दिलाने के रूप में कार्य करता है।
Closing Insight
काव्यिक क्षेत्र में, 'ख़याल-ए-रोज़-ए-हिसाब' मानव अस्तित्व का मार्गदर्शन करने वाले नैतिक कम्पास पर एक गहन ध्यान के रूप में कार्य करता है।