Meaning of

ख़ौफ़-ए-दोज़ख़

khof-e-dozakh • خوف دوزخ

नरक का भय; दंड का डर

fear of hell; dread of damnation

دوزخ کا خوف; عذاب کا ڈر

Arabic

'ख़ौफ़-ए-दोज़ख़' मूल रूप से अनंत दंड के धार्मिक भय को दर्शाता है। कविता में, यह अस्तित्वगत भय और नैतिक आत्मनिरीक्षण को समेट लेता है।

कवि अक्सर 'ख़ौफ़-ए-दोज़ख़' का उपयोग अपराधबोध, मोक्ष और मानव विवेक के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह मुक्ति की आशा के विपरीत है।

कविता में, 'ख़ौफ़-ए-दोज़ख़' आत्मा के गहरे भय और आकांक्षाओं का दर्पण है।