Meaning of

ख़ौफ़-ए-गुमरही

khof-e-gumrahi • خوف گمراہی

भटकने का डर; गुमराह होने की चिंता

fear of being lost; anxiety of straying

گمراہ ہونے کا خوف; بھٹکنے کی فکر

Persian

यह वाक्यांश अपने रास्ते से भटकने के गहरे डर को दर्शाता है, चाहे वह शाब्दिक हो या रूपक। कविता में, यह अक्सर जीवन में अपने उद्देश्य या दिशा खोने के अस्तित्वगत भय को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अनिश्चितता और संदेह के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अर्थ की खोज में आत्मा के आंतरिक संघर्ष या अपनी नैतिक दिशा खोने के डर का प्रतीक हो सकता है।

ख़ौफ़-ए-गुमरही अपने रास्ते से भटकने के सार्वभौमिक डर की बात करता है। यह निश्चितता और संदेह के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।