Meaning of

ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ

khof-e-khizaan • خوف خزاں

पतझड़ का भय; पतन का डर

fear of autumn; dread of decline

خوف خزاں; زوال کا ڈر

Persian

'ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ' उस उदासी और आशंका को पकड़ता है जो पतझड़ के प्रतीकात्मक पतन के साथ जुड़ी होती है। यह हानि के भय और समय के गुजरने को दर्शाता है।

कवि 'ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ' का उपयोग अस्थिरता, हानि, और जीवन के चक्रीय स्वभाव के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह वसंत की जीवंतता के विपरीत है और अक्सर व्यक्तिगत या अस्तित्वगत पतन का रूपक होता है।

'ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ' की छाया में, हमें जीवन के क्षणभंगुर क्षणों की सुंदरता और नाजुकता की याद दिलाई जाती है।