Meaning of

ख़ू-ए-ईसार

khoo-e-eisaar • خو ایثار

त्याग की प्रकृति; निःस्वार्थता की प्रवृत्ति

nature of sacrifice; disposition towards selflessness

ایثار کی فطرت; بے غرضی کی طرف رجحان

Persian

यह शब्द स्वयं से पहले दूसरों को रखने की गहरी प्रवृत्ति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर आत्म-त्याग के महान कार्य को दर्शाता है, जो भावनात्मक और नैतिक गहराई से भरपूर होता है।

'ख़ू-ए-ईसार' का उपयोग कवि परोपकार और महानता के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह स्वार्थ के विपरीत है, जो बड़े भले के लिए स्वयं को देने की सुंदरता को उजागर करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'ख़ू-ए-ईसार' निःस्वार्थता का प्रतीक है। यह हमें त्याग में पाई जाने वाली शांत शक्ति की याद दिलाता है।