Meaning of

ख़ून-ए-मज़लूम

khoon-e-mazloom • خون مظلوم

पीड़ित का ख़ून; निर्दोष का दुख

blood of the oppressed; suffering of the innocent

مظلوم کا خون; بے گناہ کا دکھ

Arabic

यह वाक्य अन्याय और दुख की गहरी भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर उन लोगों की मौन चीखों का प्रतीक होता है जो बिना कारण पीड़ित होते हैं, उनका ख़ून उनके अनकहे दर्द की गवाही देता है।

कवि इसका उपयोग अन्याय और शहादत के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह शांति और न्याय के शब्दों के विपरीत होता है, अनसुलझे दुख के भार को दर्शाता है।

अपने सार में, ख़ून-ए-मज़लूम न्याय की पुकार है, मौन बलिदानों की याद दिलाता है।