Meaning of

ख़ुश्बू-ए-सहर

khushboo-e-sehar • خوشبو سحر

भोर की सुगंध; सुबह की महक

fragrance of dawn; morning scent

صبح کی خوشبو; سحر کی مہک

Persian

यह वाक्यांश उस कोमल और ताज़गी भरी सुगंध को दर्शाता है जो दिन की पहली रोशनी के साथ आती है। कविता में, यह नए आरंभ, आशा और प्रकृति के जागरण की सूक्ष्म सुंदरता का प्रतीक है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग शांत सुबह के दृश्य चित्रित करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग शांति और एक नए दिन के वादे को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

ख़ुश्बू-ए-सहर भोर के कोमल वादे का सार पकड़ता है। यह प्रकृति के शांत पुनर्निर्माण की याद दिलाता है।