Meaning of

ख़्वाब-ए-शाम-ओ-सहर

khwaab-e-shaam-o-seher • خواب شام و سحر

शाम और सुबह का सपना; क्षणिक सपने

dream of evening and morning; fleeting dreams

شام و سحر کا خواب; عارضی خواب

Persian

यह वाक्यांश उन सपनों की क्षणभंगुर प्रकृति को दर्शाता है जो शाम और सुबह के बीच होते हैं। यह क्षणिक सुंदरता और कल्पना के क्षणों को पकड़ता है जो अक्सर भोर के साथ गायब हो जाते हैं। कविता में, यह वास्तविकता और कल्पना के बीच नाजुक संतुलन का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'ख़्वाब-ए-शाम-ओ-सहर' का उपयोग सपनों और इच्छाओं की क्षणभंगुर प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग क्षणिक और शाश्वत के बीच के विपरीत को उजागर करने के लिए किया जाता है।

सपनों के क्षेत्र में, 'ख़्वाब-ए-शाम-ओ-सहर' रात और दिन के क्षणिक नृत्य को पकड़ता है।