Meaning of
ख़्वाहिश-ए-पैहम
khwaahish-e-paiham • خواہش پیہم
Hindi
लगातार इच्छा; अनवरत चाहत
English
persistent desire; unending wish
Urdu
مسلسل خواہش; نہ ختم ہونے والی آرزو
Origin
Persian
Nuance
ख़्वाहिश-ए-पैहम का मूल भाव एक ऐसी इच्छा को दर्शाता है जो कभी समाप्त नहीं होती। कविता में इस शब्द का प्रयोग मानव की गहरी लालसाओं को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, जहाँ इच्छाएँ बाधाओं के बावजूद बनी रहती हैं, और सपनों की अनंत खोज का प्रतीक बनती हैं।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग मानव इच्छाओं की अनवरत प्रकृति को दर्शाने के लिए करते हैं। यह क्षणिक इच्छाओं के विपरीत, एक गहरी, अधिक स्थायी लालसा को उजागर करता है। यह एक बुझती न बुझने वाली प्यास या एक अंतहीन यात्रा की छवि प्रस्तुत करता है।
Closing Insight
ख़्वाहिश-ए-पैहम इच्छा और पूर्ति के अनंत नृत्य को दर्शाता है, जो मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है।