Meaning of

ख़्वार-ओ-ज़लील

khwaar-o-zaleel • خوار و ذلیل

अपमानित और बेइज़्ज़त; नीचा दिखाया गया

humiliated and disgraced; abased

ذلیل و خوار; نیچا دکھایا گیا

Persian

'ख़्वार-ओ-ज़लील' शब्द गहरे अपमान और बेइज़्ज़ती की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर मानव पीड़ा की गहराई और उन सामाजिक दबावों को दर्शाता है जो इस तरह की नीचता की ओर ले जाते हैं।

कवि 'ख़्वार-ओ-ज़लील' का उपयोग सामाजिक मानदंडों के खिलाफ संघर्ष को उजागर करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर गरिमा और सम्मान के विषयों के साथ विपरीत किया जाता है, जो एक स्पष्ट विरोधाभास पैदा करता है।

कविता में, 'ख़्वार-ओ-ज़लील' मानव स्थिति की एक मार्मिक याद दिलाता है, गर्व और विनम्रता के बीच संतुलन पर विचार करने का आग्रह करता है।