Meaning of

किब्र-ओ-ग़ुरूर

kibr-o-ghuroor • کبر و غرور

अहंकार और घमंड; दंभ

pride and arrogance; haughtiness

تکبر اور غرور; نخوت

Arabic

‘किब्र-ओ-ग़ुरूर’ का मूल अर्थ अत्यधिक अहंकार और आत्म-महत्व में निहित है। कविता में, यह शब्द अक्सर उस आंतरिक उथल-पुथल और अलगाव को दर्शाता है जो ऐसे घमंड से उत्पन्न होता है, आत्म-महिमा में फंसी आत्मा की जीवंत तस्वीर पेश करता है।

कवि अक्सर ‘किब्र-ओ-ग़ुरूर’ का उपयोग अत्यधिक अहंकार के कारण पतन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह विनम्रता के विपरीत है और शक्ति की क्षणभंगुर प्रकृति की याद दिलाता है।

कविता के क्षेत्र में, ‘किब्र-ओ-ग़ुरूर’ गर्व और विनम्रता के बीच नाजुक संतुलन की मार्मिक याद दिलाता है।