Meaning of

किश्त-ए-वीराँ

kisht-e-veeraan • کشت ویران

उजड़ा खेत; बंजर भूमि

desolate field; barren land

ویران کھیت; بنجر زمین

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसी भूमि की छवि प्रस्तुत करता है जो उपेक्षित छोड़ दी गई है, जहाँ कभी जीवन फलता-फूलता था लेकिन अब मौन का साम्राज्य है। कविता में, यह अक्सर खोए हुए संभावनाओं या भूले हुए सपनों का प्रतीक होता है, एक ऐसा कैनवास जो कभी जीवंत था।

'किश्त-ए-वीराँ' का उपयोग कवि त्याग और उपेक्षा की थीम को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उपजाऊ खेतों के विपरीत है, जीवन और वीरानी के बीच के स्पष्ट अंतर को उजागर करता है। यह भावनात्मक बंजरता या आध्यात्मिक वीरानी को भी दर्शा सकता है।

अपने मौन विस्तार में, 'किश्त-ए-वीराँ' उस समय की गूंज को धारण करता है जो कभी था, समय के बीतने की एक मार्मिक याद दिलाता है।