Meaning of

कोह-ए-मलाल

koh-e-malaal • کوہ ملال

दुःख का पर्वत; शोक की चोटी

mountain of sorrow; peak of grief

غم کا پہاڑ; رنج کی چوٹی

Persian

यह वाक्यांश एक दुर्गम पर्वत की छवि प्रस्तुत करता है, जो दुःख की प्रबल प्रकृति का प्रतिनिधित्व करता है। कविता में, यह उस भारी बोझ का प्रतीक है जिसे पार करना असंभव लगता है।

'कोह-ए-मलाल' का उपयोग कवि व्यक्तिगत या सामूहिक दुःख की गहराई और भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो हानि, निराशा और मानव स्थिति के विषयों की खोज करते हैं।

कविता में, 'कोह-ए-मलाल' मानव दुःख की स्थायी और सार्वभौमिक प्रकृति का प्रमाण है।