Meaning of

कुरआँ

kuraan • قرآن

कुरआन; इस्लाम का पवित्र ग्रंथ

Quran; holy book of Islam

قرآن; اسلام کی مقدس کتاب

Arabic

वो इतना मुस्कुराने वाला लड़का
करेगा ख़ुद-कुशी किस को पता था

6

Download Image

ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़
मुझ को आदत है मुस्कुराने की

69

Download Image

लोग हम सेे सीखते हैं ग़म छुपाने का हुनर
आओ तुम को भी सिखा दें मुस्कुराने का हुनर

क्या ग़ज़ब है तजरबे की भेंट तुम ही चढ़ गए
तुम से ही सीखा था हम ने दिल दुखाने का हुनर

60

Download Image

सब की हिम्मत नहीं ज़माने में
लोग डरते हैं मुस्कुराने में

एक लम्हा भी ख़र्च होता नहीं
मेरी ख़ुशियों को आने जाने में

58

Download Image

ज़रा मौसम तो बदला है मगर पेड़ों की शाख़ों पर नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे
बहुत से ज़र्द चेहरों पर ग़ुबार-ए-ग़म है कम बे-शक पर उन को मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे

33

Download Image

बात झूठी नहीं हक़ीक़त है
दिल ये डरता है मुस्कुराने से

जब भी लगती है आग उलफ़त की
फिर तो बुझती नहीं बुझाने से

12

Download Image

बहुत उम्मीद से उस ने मेरी जानिब निगाहें की
बता, मैं मुस्कुराने के अलावा और क्या करता

9

Download Image

दीदार हुआ उन का इक मुद्दत बा'द
उन्हें हम देख के बच्चों सा मुस्कुराने लगे

7

Download Image

मुस्कुराने लगा हूँ तुम्हारे लिए
घर सजाने लगा हूँ तुम्हारे लिए

ऐब अपने तो सारे मिटा कर के मैं
गीत गाने लगा हूँ तुम्हारे लिए

7

Download Image

मुस्कुराहट कैमरे में क़ैद कर के रख लो तुम
ग़म का है ये इक सहारा मुस्कुराने के लिए

6

Download Image

वो इतना मुस्कुराने वाला लड़का
करेगा ख़ुद-कुशी किस को पता था

6

Download Image

ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़
मुझ को आदत है मुस्कुराने की

69

Download Image

कुरआन इस्लाम में आध्यात्मिक मार्गदर्शन का अंतिम स्रोत माना जाता है। कविता में, यह दिव्य ज्ञान और शाश्वत सत्य का प्रतीक है, अक्सर प्रबोधन और नैतिक स्पष्टता के रूपक के रूप में कार्य करता है।

कवि कुरआन का उपयोग दिव्य न्याय और दया के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग मानव त्रुटि और दिव्य पूर्णता के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए किया जाता है।

कुरआन दिव्य ज्ञान का प्रकाशस्तंभ है। कविता में इसकी उपस्थिति संवाद को एक आध्यात्मिक स्तर पर ले जाती है।