Meaning of

कुश्ता-ए-हसरत

kushta-e-hasrat • کشہ حسرت

लालसा से मारा गया; इच्छा का शिकार

slain by longing; victim of desire

آرزو کا مارا ہوا; خواہش کا شکار

Persian

कुश्ता-ए-हसरत एक गहरी लालसा की भावना को जगाता है जो आत्मा को खा जाती है। अपने मूल अर्थ में, यह अधूरी इच्छाओं की अत्यधिक शक्ति की बात करता है जो किसी को रूपक रूप में 'मार' सकती है, उन्हें भावनात्मक उथल-पुथल में छोड़ देती है।

कवि अक्सर 'कुश्ता-ए-हसरत' का उपयोग अधूरे सपनों के गहरे दुःख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उन इच्छाओं से बोझिल दिल की भावना को पकड़ता है जो बस पहुंच से बाहर रहती हैं। यह वाक्यांश आशा के शब्दों के विपरीत है, निराशा की गहराई को उजागर करता है।

कविता की दुनिया में, 'कुश्ता-ए-हसरत' दिल की मौन पुकारों को समेटे हुए है। यह लालसा की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।