Meaning of

लज़्ज़त-ए-दीदार

lazzat-e-deedaar • لذت دیدار

दर्शन का आनंद; दृष्टि का सुख

pleasure of sight; delight in vision

دیدار کا لطف; نظر کا سرور

Persian

लज़्ज़त-ए-दीदार का मूल भाव उस गहन आनंद और संतोष को दर्शाता है जो किसी प्रिय या अत्यधिक मूल्यवान वस्तु को देखने पर प्राप्त होता है। कविता में, यह वाक्यांश देखने की साधारण क्रिया से आगे बढ़कर, ऐसे मिलन से प्राप्त भावनात्मक और आध्यात्मिक संतोष की गहराई में उतरता है।

'लज़्ज़त-ए-दीदार' का उपयोग कवि अक्सर प्रिय के दर्शन से जुड़ी तीव्र लालसा और संतोष को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दृश्य और भावनात्मक संबंध का उत्सव है। यह वाक्यांश वियोग के दर्द के विपरीत भी हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'लज़्ज़त-ए-दीदार' उपस्थिति के गहन आनंद को समाहित करता है, एक ऐसा क्षण जहाँ दृष्टि और भावना आपस में मिलते हैं।