Meaning of

लज़्ज़त-ए

lazzat-e • لذت

का आनंद; में प्रसन्नता

pleasure of; delight in

کا لطف; میں خوشی

Arabic

न ही उल्फ़त न ही दौलत की ख़ातिर
हमारा हो जा तू इज़्ज़त की ख़ातिर

मुझे आदत है तेरे ज़ाइक़े की
तू मेरे पास आ लज़्ज़त की ख़ातिर

6

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उस की हर इक याद में लज़्ज़त होती है
पहली मोहब्बत पहली मोहब्बत होती है

तेरे साथ नहीं हैं तो एहसास हुआ
इक तस्वीर की कितनी क़ीमत होती है

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बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़'
डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम

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बोसा कैसा यही ग़नीमत है
कि न समझे वो लज़्ज़त-ए-दुश्नाम

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सच तो ये है 'मजाज़' की दुनिया
हुस्न और इश्क़ के सिवा क्या है

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न पूछो मुझ से लज़्ज़त ख़ानमाँ-बर्बाद रहने की
नशेमन सैकड़ों मैं ने बना कर फूँक डाले हैं

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क़सम ख़ुदा की बड़े तजरबे से कहता हूँ
गुनाह करने में लज़्ज़त तो है सुकून नहीं

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रखे है लज़्ज़त-ए-बोसा से मुझ को गर महरूम
तो अपने तू भी न होंटों तलक ज़बाँ पहुँचा

20

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बे-ज़ारी से बू ना आए तो फिर आँसू चख के देख
चारा-गर बोला रोने की अपनी लज़्ज़त होती है

12

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उस के लहज़े की लज़्ज़त देखो
कि आवाजों से जन्नत देखो

मीरा की पीड़ा को सुन कर, क्या
होती है हिज्र की शिद्दत देखो

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न ही उल्फ़त न ही दौलत की ख़ातिर
हमारा हो जा तू इज़्ज़त की ख़ातिर

मुझे आदत है तेरे ज़ाइक़े की
तू मेरे पास आ लज़्ज़त की ख़ातिर

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उस की हर इक याद में लज़्ज़त होती है
पहली मोहब्बत पहली मोहब्बत होती है

तेरे साथ नहीं हैं तो एहसास हुआ
इक तस्वीर की कितनी क़ीमत होती है

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'लज़्ज़त-ए' किसी क्षण, अनुभव, या भावना का आनंद लेने के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर आनंद की गहराई और सुख की सूक्ष्म बारीकियों को दर्शाता है जो साधारण को असाधारण में बदल देती हैं।

कवि 'लज़्ज़त-ए' का उपयोग संवेदी और भावनात्मक अनुभवों की समृद्धि की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो पाठकों को क्षण की सुंदरता पर ठहरने के लिए आमंत्रित करता है, विवरणों में आनंद खोजने के लिए।

'लज़्ज़त-ए' में, कवि साधारण में असाधारण को पाता है, जीवन की सूक्ष्म खुशियों का उत्सव।