Meaning of
पास-ए-ज़ब्त-ए-ग़म
paas-e-zabt-e-gham • پاس ضبط غم
Hindi
दुःख को रोकने का ध्यान; दुःख को काबू में रखना
English
regard for the restraint of sorrow; keeping sorrow in check
Urdu
غم کو روکنے کا خیال; غم کو قابو میں رکھنا
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश दुःख के सामने आंतरिक शक्ति और गरिमा की भावना को जागृत करता है। यह संयम बनाए रखने और दुःख को अपने मन पर हावी न होने देने के लिए एक सचेत प्रयास का सुझाव देता है। कविता में, यह अक्सर दर्द की मौन सहनशीलता का प्रतीक होता है, जो मानव हृदय की सहनशीलता का प्रमाण है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अपने दुःख को गरिमा के साथ सहन करते हैं। यह खुले विलाप के भावों के विपरीत है, मौन पीड़ा में महानता को उजागर करता है। यह भावनात्मक संयम पर रखे गए सांस्कृतिक मूल्य को भी दर्शा सकता है।
Closing Insight
कविता में, 'पास-ए-ज़ब्त-ए-ग़म' संयम में पाई जाने वाली शक्ति का एक शांत प्रमाण बन जाता है। यह गरिमा के साथ सहन करने की हृदय की क्षमता को व्यक्त करता है।