Meaning of

परेशान-ओ-पशेमाँ

pareshaan-o-pashemaan • پریشان و پشیمان

व्याकुल और पछताया हुआ

troubled and regretful

پریشان اور پشیمان

Persian

'परेशान-ओ-पशेमाँ' वाक्यांश आंतरिक उथल-पुथल और पछतावे की स्थिति को पकड़ता है। यह एक गहरे भावनात्मक संघर्ष को व्यक्त करता है, जहाँ दिल बेचैन होता है और मन पछतावे से भरा होता है। कविता में, इस द्वैत को अक्सर मानव भावनाओं की जटिलताओं को व्यक्त करने के लिए खोजा जाता है।

कवि 'परेशान-ओ-पशेमाँ' का उपयोग भावनात्मक संघर्ष की गहराइयों में उतरने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अक्सर इच्छा और विवेक के बीच संघर्ष, या अधूरे सपनों के दर्द को चित्रित करने के लिए किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'परेशान-ओ-पशेमाँ' आत्मा के आंतरिक संघर्षों को प्रतिबिंबित करने वाला एक दर्पण बन जाता है।