Meaning of

पस-ए-ज़ात

pas-e-zaat • پس ذات

सार; मूल

essence; core

جوہر; اصل

Persian

‘पस-ए-ज़ात’ वाक्यांश अस्तित्व के सार या मूल में गहराई से उतरता है, सतही परतों के परे। कविता में, यह आत्मनिरीक्षण को आमंत्रित करता है, पाठक को दिखावे से परे देखने और अस्तित्व के वास्तविक स्वभाव का अन्वेषण करने का आग्रह करता है।

कवि अक्सर 'पस-ए-ज़ात' का उपयोग पहचान और आत्म-खोज के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह प्रत्येक व्यक्ति के भीतर छिपी गहराइयों की याद दिलाता है, जो अक्सर दिखावे की भ्रामक सतह के विपरीत होती है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'पस-ए-ज़ात' एक आंतरिक यात्रा है, जो सतह के नीचे छिपे सत्य की खोज है।