Meaning of

प्रणय

pranay • پرنئے

प्रेम; स्नेह; रोमांस

love; affection; romance

محبت; پیار; رومانس

Sanskrit

इक अजब सा प्रणय हो रहा है मुझे
मैं तुम्हें हर जगह क्यूँ सदा पा रहा

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जो करियर की चिंता करते हैं उन
में आता हूँ मैं
आसन प्राणायाम वग़ैरा भी करने जाता हूँ मैं

तुम को अच्छे लगते होंगे एब्स मिरे यारों लेकिन
माँ को लगता है, टाइम पे खाना नईं खाता हूँ मैं

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कहानी बेबफाओं की ,तिरा किरदार लगती हैं,
प्रणय राहें भी अब हम को, व्यथा आधार लगती हैं

कभी उस ने दिया धोखा, हमें तो प्यार में जैसा,
हमें तो प्यार की बातें ,सभी बेकार लगती हैं

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इक अजब सा प्रणय हो रहा है मुझे
मैं तुम्हें हर जगह क्यूँ सदा पा रहा

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जो करियर की चिंता करते हैं उन
में आता हूँ मैं
आसन प्राणायाम वग़ैरा भी करने जाता हूँ मैं

तुम को अच्छे लगते होंगे एब्स मिरे यारों लेकिन
माँ को लगता है, टाइम पे खाना नईं खाता हूँ मैं

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मूल रूप से 'प्रणय' एक गहरी, दिल से जुड़ी भावना को दर्शाता है, जो अक्सर सांसारिकता से परे होती है। कविता ने इस शब्द को अपनाकर प्रेम के विभिन्न रंगों को खोजा है, मासूमियत से लेकर गहराई तक, मानवीय संबंधों के सार को पकड़ते हुए।

'प्रणय' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम की कोमल भावनाओं को जगाने के लिए करते हैं। यह प्रेम के पहले स्पंदन, जीवनभर के बंधन की गहराई, या एकतरफा प्रेम की मधुर-कड़वी प्रकृति को दर्शा सकता है।

'प्रणय' प्रेम के अनंत नृत्य को उसके विभिन्न रूपों में पकड़ता है। यह एक ऐसा शब्द है जो दिल की गहरी इच्छाओं के साथ गूंजता है।