Meaning of
साहिब-ए-बज़्म
saahib-e-bazm • صاحب بزم
Hindi
सभा का स्वामी; मेज़बान
English
master of the gathering; host
Urdu
صاحب محفل; میزبان
Origin
Persian
Nuance
‘साहिब-ए-बज़्म’ शब्द में अधिकार और गरिमा की भावना होती है, जो अक्सर सामाजिक सभाओं में सम्मान और प्रशंसा प्राप्त करने वाले व्यक्ति से जुड़ा होता है। कविता में, यह उस केंद्रीय व्यक्ति का प्रतीक है जिसके चारों ओर कथा या भावनात्मक वातावरण घूमता है।
Poetic Usage
कवि ‘साहिब-ए-बज़्म’ का उपयोग किसी पात्र के करिश्मा और प्रभाव को उजागर करने के लिए करते हैं। यह कविता के भावनात्मक केंद्र को भी दर्शा सकता है, जहाँ सभी भावनाएँ एकत्रित होती हैं।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, ‘साहिब-ए-बज़्म’ नेतृत्व और भावनात्मक गुरुत्वाकर्षण के सार को समाहित करता है, जो सभी आँखों और दिलों को अपनी उपस्थिति की ओर आकर्षित करता है।