Meaning of
साहब-ज़मीर
saahib-zameer • صاحب ضمیر
Hindi
अंतरात्मा वाला; विवेकशील
English
conscientious; one with a conscience
Urdu
ضمیر والا; با ضمیر
Origin
Arabic
Nuance
साहब-ज़मीर शब्द एक गहरी नैतिकता और जागरूकता का भाव उत्पन्न करता है। कविता में, यह उस व्यक्ति को दर्शाता है जिसकी क्रियाएँ आंतरिक नैतिक दिशा-निर्देशों से प्रेरित होती हैं, जो बाहरी प्रभावों से प्रभावित लोगों के विपरीत होते हैं।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'साहब-ज़मीर' का उपयोग अपने सिद्धांतों को बनाए रखने के आंतरिक संघर्ष को उजागर करने के लिए करते हैं। यह उन पात्रों के विपरीत होता है जो अपने मूल्यों से समझौता करते हैं। यह अराजकता के बीच दृढ़ खड़े एक अकेले व्यक्ति की छवि उत्पन्न करता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'साहब-ज़मीर' नैतिक दृढ़ता का प्रतीक है। यह हमें अडिग ईमानदारी में पाए जाने वाले शांत बल की याद दिलाता है।