Meaning of

साहिल-ए-शब

saahil-e-shab • ساحل شب

रात का किनारा; अंधेरे का छोर

shore of night; edge of darkness

رات کا کنارہ; اندھیرے کا کنارہ

Persian

यह शब्द रात को एक विशाल सागर के रूप में दर्शाता है, जिसका किनारा प्रकाश और अंधकार के बीच की सीमा है। कविता में, यह सीमा अक्सर चिंतन और परिवर्तन का स्थान होती है।

'साहिल-ए-शब' का उपयोग कवि एकांत और आत्मनिरीक्षण के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह भोर से पहले के ठहराव के क्षण को दर्शाता है, जहां व्यक्ति रात के रहस्यों पर विचार करता है।

साहिल-ए-शब रात और दिन के बीच की नाजुक संतुलन को पकड़ता है, जो जीवन के परिवर्तनों का रूपक है।